विशेष संग्रह
भक्ति और आराधना
स्तुति, भक्ति और आराधना · 3 रचनाएँ
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शिव स्तुति
जन्म लिया और जग देखा कानों में जो ध्वनि पड़ी, उसका सर्जक कौन था? भव ऊर्जा का शक्ति स्त्रोत पता नहीं क्यों मौन था? माता को कुछ गाते देखा किसी…
श्री रामदरबार दृश्यावलोकन
दृश्य बड़ा ही पावन है ऋतुओं में जैसे सावन है रामलला की झांकी ये मनहर, सुरम्य, मनभावन है अपने हिय को पल भर में चीर श्री धाम दिखाते महावीर। दर…
साँझ भई औ कान्हा, दरसन ना दियौ आय
**साँझ भई औ कान्हा, दरसन ना दियौ आय, बालक बिलखें भूख सों, चूल्हो न जरयौ हाय। सुनु मैया जसुमति, आइ जाउ द्वार पै, पकड़ि हाथ मोहन कौ, जियरा अकु…